Mushroom Ki Training Kahan Se Len? (मशरूम की ट्रेनिंग कहाँ से लें)
मशरूम की ट्रेनिंग कहाँ से लें? सरकारी संस्थान, KVK, निजी और ऑनलाइन ट्रेनिंग के बारे में जानिए, और यह भी कि अच्छी ट्रेनिंग कैसे पहचानें।
मशरूम की खेती शुरू करने से पहले सही ट्रेनिंग लेना सबसे जरूरी कदम है। जानिए ट्रेनिंग कहाँ-कहाँ होती है और अच्छी ट्रेनिंग में क्या-क्या देखना चाहिए।
मशरूम की ट्रेनिंग कहाँ से लें? यह सवाल हमसे अक्सर पूछा जाता है। किसी ने मोबाइल पर मशरूम की खेती का वीडियो देखा। किसी के गाँव में किसी ने मशरूम लगाया। अब मन है कि खुद भी शुरू करें। पर समझ नहीं आता कि सीखें कहाँ से।
अगर आपने भी गूगल पर mushroom ki training kahan se len या mushroom ki training kahan hoti hai लिखकर खोजा है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हम आसान भाषा में बताएँगे कि मशरूम की ट्रेनिंग कहाँ-कहाँ होती है। सरकारी रास्तों की भी बात करेंगे और निजी रास्तों की भी। और यह भी बताएँगे कि अच्छी ट्रेनिंग को कैसे पहचानें।
मशरूम की ट्रेनिंग क्यों जरूरी है
मशरूम की खेती बाकी खेती से अलग है। यहाँ खेत नहीं, कमरा चाहिए। फसल मिट्टी में नहीं, कम्पोस्ट या भूसे में उगती है। और सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही माहौल।
मशरूम बहुत नाजुक फसल है। जरा-सी गंदगी हुई, तो बैग या बेड में बीमारी या दूसरी फफूँद लग सकती है। ग्रोइंग रूम में हवा, नमी और तापमान का तालमेल बिगड़ा, तो फ्लश कमजोर आता है। फ्लश का मतलब है मशरूम निकलने का दौर। कभी-कभी तो फ्लश आता ही नहीं।
ये बातें सिर्फ किताब पढ़कर समझ नहीं आतीं। कम्पोस्ट ठीक बनी या नहीं? स्पॉन, यानी मशरूम का बीज, अच्छा है या खराब? केसिंग कब करनी है? हार्वेस्ट यानी तुड़ाई कब करनी है? यह सब देखकर और हाथ से करके ही आता है।
ट्रेनिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है। नए लोग अक्सर जो गलतियाँ करते हैं, उनका पता आपको पहले ही चल जाता है। गलती फार्म पर हो, तो पैसा भी जाता है और मेहनत भी। वही गलती ट्रेनिंग में समझ आ जाए, तो बहुत सस्ती पड़ती है।
ट्रेनिंग से यह भी साफ होता है कि आपके इलाके और आपकी जेब के हिसाब से कौन-सा मशरूम ठीक रहेगा।
बटन मशरूम को ठंडा माहौल चाहिए। इसमें कम्पोस्ट और केसिंग का काम होता है। ऑयस्टर मशरूम उगाना आसान है। यह भूसे पर उगता है और मौसम की थोड़ी ऊँच-नीच झेल लेता है। इसीलिए घर पर छोटी शुरुआत ज्यादातर लोग ऑयस्टर से करते हैं। मिल्की मशरूम गर्म और नमी वाले इलाकों में अच्छा चलता है।
मशरूम की ट्रेनिंग कहाँ से लें: सरकारी रास्ते
पहले सरकारी रास्तों की बात करते हैं। मशरूम की खेती की ट्रेनिंग कई सरकारी संस्थानों में मिलती है। यह भरोसे का रास्ता है, क्योंकि यहाँ खेती के जानकार लोग सिखाते हैं।
पहला नाम है ICAR का मशरूम अनुसंधान निदेशालय, जिसे DMR कहते हैं। ICAR खेती पर रिसर्च करने वाली देश की बड़ी सरकारी संस्था है। DMR हिमाचल प्रदेश के सोलन में है और सिर्फ मशरूम पर काम करता है। यह समय-समय पर मशरूम उगाने का प्रशिक्षण, यानी ट्रेनिंग, देता है। ट्रेनिंग कब और कैसे होगी, इसकी पूरी जानकारी संस्थान से ही लीजिए।
दूसरा रास्ता है कृषि विज्ञान केंद्र, जिसे KVK कहते हैं। KVK किसानों को सिखाने के लिए बने सरकारी केंद्र हैं। ज्यादातर जिलों में KVK है, और कई KVK मशरूम की ट्रेनिंग करवाते हैं। अपने नजदीकी KVK में जाकर पूछिए कि मशरूम की अगली ट्रेनिंग कब होगी। KVK का फायदा यह है कि यह आपके जिले में ही होता है।
तीसरा रास्ता है आपके राज्य का कृषि विश्वविद्यालय। कई कृषि विश्वविद्यालय भी मशरूम की ट्रेनिंग करवाते हैं। वहाँ से भी पता कर सकते हैं।
चौथा रास्ता है आपके राज्य का बागवानी विभाग। कुछ राज्यों में इसे उद्यान विभाग कहते हैं। कई राज्यों में यह विभाग मशरूम की ट्रेनिंग करवाता है या उसमें मदद करता है। सरकारी योजना और सब्सिडी की जानकारी भी अक्सर यहीं से मिलती है।
सरकारी ट्रेनिंग के बारे में यह बात ध्यान रखिए। इसकी तारीख और समय संस्थान खुद तय करता है। सीटें जल्दी भर भी सकती हैं। इसलिए समय रहते पता कीजिए और अपना नाम लिखवा दीजिए।
निजी और ऑनलाइन ट्रेनिंग
सरकारी संस्थानों के अलावा कई निजी फार्म, कंसल्टेंट और संस्थाएँ भी मशरूम की ट्रेनिंग देती हैं। आजकल ऑनलाइन मशरूम ट्रेनिंग भी खूब चलती है। बहुत से लोग गूगल पर online mushroom training खोजते हैं, ताकि घर बैठे मोबाइल पर सीख सकें।
निजी ट्रेनिंग में कई बार समय आपके हिसाब से मिल जाता है। सवाल पूछने का मौका भी ज्यादा मिलता है। कुछ जगह ट्रेनिंग के बाद भी सलाह मिलती रहती है।
पर यहीं सबसे ज्यादा सावधानी भी चाहिए। जो भी ट्रेनिंग दे रहा है, वह सच में जानकार हो, यह जरूरी नहीं। सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दावे बहुत दिखते हैं। इसलिए पैसे देने से पहले अच्छे से जाँच लीजिए।
अच्छी ट्रेनिंग में क्या देखें
पहली चीज है प्रैक्टिकल। सिर्फ वीडियो या लेक्चर से मशरूम की खेती नहीं आती। पूछिए कि ट्रेनिंग में असली फार्म या ग्रोइंग रूम दिखाया जाएगा या नहीं। कम्पोस्ट बनाना, स्पॉन मिलाना, केसिंग करना और हार्वेस्ट करना, यह सब अपनी आँखों से देखना बहुत जरूरी है।
दूसरी चीज है मशरूम की किस्म। पूछिए कि ट्रेनिंग में कौन-कौन से मशरूम सिखाए जाते हैं। बटन, ऑयस्टर और मिल्की, इन सबका तरीका अलग है। अगर आपको बटन मशरूम लगाना है और ट्रेनिंग सिर्फ ऑयस्टर की है, तो बात नहीं बनेगी।
तीसरी चीज है ट्रेनिंग के बाद का साथ। असली सवाल तब आते हैं, जब आप खुद फसल लगाते हैं। बैग में हरी फफूँद दिख गई, या फ्लश नहीं आया, तब किससे पूछेंगे? इसलिए पहले ही साफ पूछ लीजिए कि ट्रेनिंग के बाद सवाल पूछने की सुविधा है या नहीं, और किस तरह की है।
चौथी चीज है जोखिम पर खुली बात। अच्छा ट्रेनर सिर्फ फायदे नहीं गिनाता। वह यह भी बताता है कि फसल खराब हो सकती है और बीमारी लग सकती है। बाजार में दाम ऊपर-नीचे होते रहते हैं। मशरूम जल्दी खराब होता है, इसलिए बेचने का इंतजाम पहले से सोचना पड़ता है।
बटन मशरूम को ठंडक चाहिए। जिन दिनों मौसम ठंडा नहीं रहता, उन दिनों AC लगाना पड़ता है, और बिजली का खर्च भी देखना पड़ता है। जो ट्रेनर यह सब ईमानदारी से बताए, उस पर ज्यादा भरोसा कर सकते हैं।
पक्की कमाई और बायबैक के वादों से सावधान
अब सबसे जरूरी बात। अगर कोई कहे कि ट्रेनिंग के बाद पक्की कमाई की गारंटी है, तो सावधान हो जाइए। अगर कोई कहे कि आपकी पूरी फसल वह खुद खरीद लेगा, यानी बायबैक का वादा करे, तो और भी सावधान हो जाइए।
खेती में कोई भी पक्की कमाई की गारंटी नहीं दे सकता। ऐसे वादे कई बार लोगों से पैसा निकलवाने का तरीका होते हैं। ऐसी किसी बात पर पैसा लगाने से पहले ठंडे दिमाग से सोचिए। और किसी जानकार से सलाह जरूर लीजिए।
ऑनलाइन सीखें या फार्म पर जाकर?
बहुत से लोग पूछते हैं कि ऑनलाइन मशरूम ट्रेनिंग ठीक है, या फार्म पर जाकर सीखना चाहिए। हमारा जवाब सीधा है। ऑनलाइन सीखना और फार्म पर जाकर देखना, इन्हें साथ मिलाकर चलना सबसे अच्छा है।
ऑनलाइन सीखने के अपने फायदे हैं। आप घर बैठे सीख सकते हैं। आने-जाने और रुकने का खर्च बचता है। अपना खेत या काम छोड़े बिना सीख सकते हैं।
पर कुछ चीजें स्क्रीन पर पूरी तरह समझ नहीं आतीं। अच्छी कम्पोस्ट की महक कैसी होती है? केसिंग कितनी गीली होनी चाहिए? ग्रोइंग रूम में हवा कैसी लगनी चाहिए? बीमारी लगा बैग कैसा दिखता है? यह सब फार्म पर जाकर ही ठीक से समझ आता है।
इसलिए सबसे अच्छा तरीका यह है। पहले ऑनलाइन बुनियादी बातें अच्छे से समझ लीजिए। फिर फार्म पर जाकर अपनी आँखों से देखिए और हाथ से कीजिए। इससे फार्म विजिट का पूरा फायदा मिलता है। आप पहले से जानते हैं कि वहाँ क्या देखना है और क्या पूछना है।
CropGyan की ट्रेनिंग
CropGyan Farming में हमारी ट्रेनिंग इसी सोच पर बनी है। ट्रेनिंग ऑनलाइन होती है। प्रैक्टिकल हिस्से के लिए फार्म विजिट होती है। यानी समझ घर बैठे बनती है, और हाथ का काम फार्म पर सीखा जाता है। ट्रेनिंग हिंदी और अंग्रेजी दोनों को मिलाकर होती है, जैसे आम बोलचाल में बात होती है।
हम मशरूम फार्म को तकनीकी सलाह देते हैं। नए फार्म लगवाने में मदद करते हैं। फार्म चलाने का काम भी संभालते हैं। इसलिए हमारी कोशिश रहती है कि ट्रेनिंग किताबी न रहे। जो बातें असली फार्म पर काम आती हैं, वही सिखाई जाएँ।
हम कमाई की कोई गारंटी नहीं देते। हम यह बताते हैं कि काम कैसे होता है, गलती कहाँ होती है और जोखिम क्या हैं। मकसद यह है कि आप सोच-समझकर फैसला ले सकें।
हमारी ट्रेनिंग बटन मशरूम की खेती पर है। फार्म विजिट कहाँ होगी और पूरी ट्रेनिंग कैसे चलेगी, यह सब आप हमसे सीधे पूछ सकते हैं।
फीस और अगले बैच की जानकारी कैसे लें
ट्रेनिंग की फीस कितनी है? ट्रेनिंग कितने दिन की है? अगला बैच कब शुरू होगा? यह सब जानने के लिए हमसे पूछिए। हमें WhatsApp पर मैसेज कीजिए, या हमारी वेबसाइट पर पूछताछ वाला फॉर्म भरिए। फॉर्म में बस इतना लिख दीजिए कि आप मशरूम की ट्रेनिंग के बारे में जानना चाहते हैं। हमारी टीम आपको पूरी जानकारी भेज देगी।
ट्रेनिंग के बारे में और जानकारी हमारी वेबसाइट के मशरूम ट्रेनिंग वाले पेज पर भी है।
अगर आप सीखने के साथ-साथ अपना मशरूम फार्म भी लगाना चाहते हैं, तो नया फार्म लगाने में हमारी सलाह के बारे में भी पूछ सकते हैं। जगह ठीक है या नहीं, ग्रोइंग रूम कैसा बने, हवा का इंतजाम कैसा हो, इन सबकी प्लानिंग में हम सलाह देते हैं।
आखिर में बस इतना याद रखिए। मशरूम की खेती में जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी है सही जानकारी। पहले सीखिए। फिर छोटी शुरुआत कीजिए। और जब हाथ बैठ जाए, तब धीरे-धीरे बढ़ाइए।